|| लैंडमाइन || सिसक के तड़पती हुई, गरम तेलपे छिडकी जैसे | चंद धड़कने मेरी, रंजोग़म तेरे सहते
Category: Random Brain Dumps
देशद्रोही | Deshdrohi
देशद्रोही चैट पे कहानियाँ बनाके, देश प्रेमी खुद को कहलवाता है। बहादुरी का आलाप छेड़ वो, कायरता अपनी छुपाता है।
रेत का महल | Ret ka Mahal
रेत का महल बनाके बिच पे | सोचतेथे घरोंदा बना लिया || क्या बचपनाथा ये के | ज़िन्दगीको इतना
मिल का पत्थर | Mil ka patthar
मिल का पत्थर, बन ठहर गया जीवन। ना किल, ना कंकड़, ना कागज़, ना कूड़ा, बन ना पाया में
बात चित | Baat Chit
Baat yeah hei ki Baat ab hoti nahi Hamare shabdo ki awaz Chikho ke par jati nahi Pyar ka
स्वयंवर | Swayamvar
पापा की परी अब बड़ी हो गयी है गुड़िया छोड़ अब खुद की शादी खेल रही है बैठेबिठाए स्वयंवर रचाया
विदूषक
बिना किये पूजा प्रसाद खा रहा है, ये फ़क़ीर रोज़ा न जाने इफ्तार खा रहा है | यूँ तो पेट
समाचार | मीडिया
Samachar / Media Subah ki Chai sang Hatho se aakho pe daudta Sham ki chai pe Dampati ki
रोज़मर्रा
रोज़मर्रा | Rozmarra Shabdo ke chayan Mein bhavnao ko kho raha hoon Zinda rahne ki chah mein Jeena bhul raha hoon
जवाहर तेरी ज़रुरत पड़ी है !
Jawahar teri zaroorat padi hei! Jawahar teri zaroorat padi hei Deshdrohiyo ki desh mei sarkaar bani








